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पैसे का खेल

गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में डेंगू से पीड़ित 6  साल की बच्ची की मौत हो जाती है तथा अस्पताल ने 16  लाख रुपए इलाज खर्च मांगते हुए शव को देने से इंकार कर दिया . 20  पन्नों के बिल में तरह - तरह के चार्ज लगाए गए है . आज कल स्वास्थ्य सेवाएं एक व्यापार का जरिया बन गया है .लोगों को मानवता एवं आत्मियता से कुछ लेना देना नहीं है . उन्हें तो केवल पैसा बनाना है . आज कल डॉक्टर इलाज के नाम पर महंगी दवाईयां लिखते है . जिससे उनका मोटा कमीशन होता है . यह डॉक्टर को सोचना चाहिए कि वह मरीज के लिए भगवन होते है लेकिन डॉक्टर की नजर में मरीज एक कस्टमर बन  के रह गया है .
 
       डा . अजय कुमार चतुर्वेदी 

शहर में बढ़ती जाम की समस्या

आज भारतीय शहरों में जाम की समस्या आम हो गयी है . गावों से अधिक आबादी आज शहरों के तरफ रुख कर रही है , लेकिन हमारे शहर उस भार को सहन करने में सक्षम नहीं है . क्योकि रोजगार के लिए भारत की अधिकतर आबादी आज शहरों के तरफ रुख कर रही है . लेकिन  शहरों की सड़कों को अधिक जनसंख्या एवं गाड़ियों का भार उठाने में सक्षम नहीं है . इसके लिए सरकार को एक नई कार्य योजना को विकशित करने की जरुरत है ताकि शहरों का आधारभूत ढांचे और अधिक मजबूत करने  की जरुरत है . यदि जाम जैसे समस्या से निजात मिल जाये तो उत्पादन क्षमता को बढ़ाया जा सकता है तथा लागत को कम किया जा सकता है . शायद बदलते परिवेश के साथ हमारे आधारभूत ढांचे में बदलाव की जरुरत  है . 
 
  डा . अजय कुमार चतुर्वेदी 

मानुषी को मिस वर्ल्ड का ताज

 

       हरियाणा के मानुषी छिल्लर को मिस वर्ल्ड का ताज मिला है. यह ताज 17 साल बाद किसी भारतीय को मिला है . मानुषी का मानना है कि माँ उनके जीवन में सबसे बड़ी प्रेरणा का स्त्रोत रही हैं . यह एक अच्छी खबर है कि किसी भारतीय लड़की को मिस वर्ल्ड का ख़िताब मिला है . हमे यह सोचना चाहिए कि इस बदलते सामाजिक परिवेश में और कितनी सारी लड़कियां हैं जिनको अच्छी सुविधा एवं अवसर की कमी के वजह से आगे बढ़ने का मौका नहीं मिल पाता है . सरकार को इसको ध्यान में रखते हुए यह सोचना कि अभाव ग्रस्त लड़कियों के लिए उचित व्यवस्था करनी चाहिए तथा लड़कियों या औरतों से सम्बंधित समस्याओं का जल्द निवारण होना चाहिए .
 
   डा . अजय कुमार चतुर्वेदी 

यूपी एवं बिहार में आज भी 50 फीसदी गावों में बिजली नहीं

       आज भी यूपी एवं बिहार के 50 % गावों में आज भी बिजली नहीं है . इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि यूपी एवं बिहार के गांव कितने पिछड़े है . ऊर्जा एक ऐसा साधन है जिसके माध्यम से रोजगार का सृजन होता है तथा लोगों का जीवन स्तर  ऊँचा उठता है , लेकिन यदि यूपी एवं बिहार के आधे गावों में बिजली न होना एक दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है . आज हम चाँद एवं मंगल पर जाने की बात करते है , लेकिन अपने लोगों को आधारभूत सुविधा ने मुहैय्या कर पाना हमारी सरकार की नाकामी को प्रदर्शित करता है . हम आधुनिक भारत की परिकल्पना ही नहीं कर सकते है . क्योकि लोगों को बेसिक सुविधाओं का अभाव है . हमे पहले लोगों की बेसिक सुविधाओं को उपलब्ध कराने पर जोर देने की कोशिश करनी चाहिए 
 
  '  डा . अजय कुमार चतुर्वेदी '

73 करोड़ लोग आज भी खुले में शौच को मजबूर

एक रिपोर्ट के अनुसार आज भी भारत में 73  करोड़ लोग खुले में शौच के लिए मजबूर है . इसका सीधा सा मतलब है कि भारत में आज भी अधिकतर लोग खुले में शौच के लिए मजबूर है . खुले में शौच  के वजह से अनेक प्रकार की बीमारियां पनपती है तथा लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डालती है . इसको देखते हुए लोगो में एक जनजागरूकता अभियान चलाने की कोशिश करनी चाहिए ताकि लोगों को इस समस्या से निजात मिल सके . वैसे भी मोदी सरकार ने खुले में  शौच बंद के लिए काफी सराहनीय कदम उठाया है . लेकिन इस समस्या से तब तक निजात नहीं मिल सकता है जब तक की लोगों के अंदर इस को लेकर जागरूकता न हो . क्योकि आज भी गावों में लोग शौचलय को बनवाने से परहेज करते है . 
 
  डा . अजय कुमार चतुर्वेदी